जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की ऐतिहासिक श्री नंदादेवी रामलीला के अष्टम दिवस पर राम-सुग्रीव मैत्री, मायावी बाली प्रसंग, बाली वध, हनुमान जागर, हनुमान का लंका गमन, अशोक वाटिका प्रसंग, अक्षय कुमार वध और रावण-हनुमान संवाद की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मां नंदादेवी मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला में बड़ी संख्या में रामभक्त पहुंचे। विशेष रूप से हनुमान जागर और हनुमान के विराट रूप के मंचन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
हनुमान जागर और लंका गमन रहा मुख्य आकर्षण
रामलीला का शुभारंभ श्रीराम स्तुति के साथ हुआ। इससे पूर्व नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। मंच पर राम-सुग्रीव मैत्री और बाली वध के प्रसंगों के बाद हनुमान जागर का प्रभावशाली मंचन किया गया। हनुमान के पात्र में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह मेर ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
जागर गायन में शेखर सीजवाली ने स्वर दिए, जबकि हुड़के पर प्रताप राम, हारमोनियम पर राजन नयाल और तबले पर अरशद अंसारी ने संगत की। इसके बाद हनुमान के लंका गमन, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट, अक्षय कुमार वध और रावण-हनुमान संवाद के दृश्यों का शानदार मंचन हुआ। आकर्षक मंच सज्जा, प्रभावशाली छाया चित्रों और कलाकारों के अभिनय ने लीला को और भी जीवंत बना दिया।
अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन
रामलीला का उद्घाटन दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजित सिंह कार्की, सचिव वैभव पांडे, सांस्कृतिक संयोजक कैलाश गुरुरानी और शरद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल ने भी देर रात तक बैठकर रामलीला का आनंद लिया।
इस अवसर पर अजित सिंह कार्की ने रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने सदैव मर्यादा, धर्म और सदाचार का पालन किया। उन्होंने एक आदर्श पुत्र, भाई, पति और राजा के रूप में समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दशहरा महोत्सव समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं को दशहरा महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
कमेटी के संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश पांडे, सह संयोजक संजय साह, जगदीश भंडारी, राजकुमार बिष्ट और महेंद्र बिष्ट ने अतिथियों को राम प्रसादी भेंट की। कार्यक्रम का संचालन कमेटी के सचिव एवं नंदादेवी वार्ड के पार्षद अर्जुन सिंह बिष्ट ने किया।
कलाकारों ने निभाए विभिन्न पात्र
राम की भूमिका द्रोण नेगी, लक्ष्मण की अविरल जोशी, सीता की किरन परगाई, रावण की हरि विनोद साह, हनुमान की कुलदीप सिंह मेर, बाली की अमित उप्रेती, सुग्रीव की मुरली कांडपाल, मायावी की संजय जोशी और अक्षय कुमार की सुमित साह ने निभाई। वहीं त्रिजटा की भूमिका दीक्षा हरबोला, मेघनाथ की संजय जोशी, अंगद की नमन पलनी, नल की दक्ष साह, नील की सुमित और जामवंत की भूमिका प्रेम ने निभाई।
पात्रों का मेकअप दानिश और राजू शर्मा ने किया, जबकि मंच पूजन नंदादेवी मंदिर के मुख्य पुजारी तारा दत्त जोशी ने संपन्न कराया। रामलीला के निर्देशक गणेश मेर ने पर्दे के पीछे रहकर पात्रों को क्रमबद्ध तरीके से मंच पर भेजने की जिम्मेदारी निभाई। कलाकारों को तैयार करने में हरीश बिष्ट और चंद्र मोहन परगाई ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। नमन बिष्ट ने रामलीला का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण किया।
भव्य मंच सज्जा ने बढ़ाई रामलीला की शोभा
मंच सज्जा में अतुल वर्मा, महेंद्र बिष्ट, संदीप साह, राजकुमार बिष्ट, कविश अरोरा, जगदीश बिष्ट, राजेश पंत और जगदीश भंडारी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। टीम ने हनुमान के विराट रूप, लंका गमन के छाया चित्रों, अशोक वाटिका और रावण दरबार के आकर्षक सेट तैयार कर मंचन को भव्यता प्रदान की। दर्शकों को सुव्यवस्थित तरीके से बैठाने में राजेश पालनी और कमेटी के कोषाध्यक्ष धनंजय साह ने अहम भूमिका निभाई।
बड़ी संख्या में रामभक्त रहे मौजूद
कार्यक्रम में नंदादेवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनोज वर्मा, उपाध्यक्ष एवं महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, रामलीला कमेटी के संयोजक प्रकाश पांडे, वरिष्ठ पत्रकार अनिल सनवाल, दीपक वर्मा, संजय साह, सुभाष अग्रवाल, सारांश मुंगली, राजेंद्र रौतेला, शशि मोहन पांडे, वरिष्ठ रंगकर्मी सुंदर बोरा, मीनाक्षी हरबोला, सुमन सनवाल, संगीता पांडे, पूनम पाठक, भावना पांडे, गिरीश परगाई, संदेश नेगी, आयुष वर्मा, चित्रांक साह, मानवेंद्र साह, वरुण साह, सिद्धार्थ साह, परीक्षित साह और मारूत साह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
