जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा नगर निगम अल्मोड़ा द्वारा गोपालधारा मार्ग को बिना निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाए और बिना व्यापक सार्वजनिक सूचना के अचानक बंद किए जाने के निर्णय पर शहर में सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम यातायात संबंधी नियमों को सभी क्षेत्रों में समान रूप से लागू नहीं कर रहा है।
लोगों का कहना है कि गोपालधारा मार्ग को दोपहिया वाहनों के लिए बंद करने का निर्णय जिस तेजी से लिया गया, वैसी पहल शहर के अन्य व्यस्त और संवेदनशील मार्गों पर कभी नहीं की गई। उनका कहना है कि रानीधारा, एनटीडी, डूंगाधारा, एल.आर. साह मार्ग और चौहानपाटा जैसे इलाकों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और आम लोगों की आवाजाही रहती है। इन मार्गों पर लगातार भारी वाहन, कार, बाइक और स्कूटी चलने के बावजूद वहां यातायात नियंत्रण के लिए ऐसे कदम नहीं उठाए गए।
इसी बीच, एक समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि गोपालधारा मार्ग को बंद करने का निर्णय उन्हें प्रभावित करने के उद्देश्य से लिया गया है। उनका कहना है कि यदि उद्देश्य केवल दोपहिया वाहनों की आवाजाही रोकना था, तो मार्ग के प्रवेश द्वार या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर बैरियर लगाया जा सकता था। उनका आरोप है कि वर्तमान स्थान पर मार्ग बंद किए जाने से उनके समुदाय के लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नगर निगम अल्मोड़ा की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है तो यही नीति शहर के अन्य संवेदनशील मार्गों पर भी समान रूप से लागू की जानी चाहिए। उनका मानना है कि केवल एक क्षेत्र में अलग व्यवस्था लागू करना और अन्य स्थानों की अनदेखी करना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े करता है।
अब नागरिक नगर निगम से मांग कर रहे हैं कि गोपालधारा मार्ग बंद करने की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि यह निर्णय किस नियम और किस बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर लिया गया। साथ ही, यदि सुरक्षा ही इसका आधार है तो शहर के अन्य संवेदनशील मार्गों पर भी समान नीति लागू की जाए, ताकि किसी भी प्रकार के भेदभाव या पक्षपात की आशंका समाप्त हो सके।
