Wed. Sep 23rd, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा नंदा देवी मेले की रौनक के बीच बुधवार रात झूला टूटने की घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। झूला टूटने से एक महिला घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने किसी तरह घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया।
मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच झूले का हिस्सा टूटना अपने आप में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े करता है। गनीमत रही कि हादसे में फिलहाल एक महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई है। यदि टूटे हुए हिस्से की चपेट में एक साथ कई लोग आ जाते तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूला सामान्य रूप से संचालित हो रहा था, तभी अचानक उसका एक हिस्सा टूट गया। घटना के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक स्तर से भी मामले का संज्ञान लिया गया और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
सवाल यह है कि मेले में झूले संचालन से पहले सुरक्षा मानकों की कितनी गंभीरता से जांच की गई थी? क्या झूले की तकनीकी स्थिति, उसकी संरचना और क्षमता की जांच नियमित रूप से की जा रही थी? क्या संचालन के दौरान जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था मौजूद थी? हादसे के बाद इन सवालों का जवाब जरूरी हो गया है।
सूत्रों के अनुसार निर्धारित समय के बाद भी झूले संचालित किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि जांच में यह सही पाया जाता है तो यह भी गंभीर विषय होगा कि निर्धारित समय और संचालन संबंधी नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ।
नंदा देवी मेला अल्मोड़ा का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में मनोरंजन के साधनों की सुरक्षा में किसी भी स्तर की चूक लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। हादसे के बाद अब केवल घायल महिला का इलाज ही नहीं, बल्कि पूरे मेले में लगे झूलों की सुरक्षा का सवाल सामने है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मेले में संचालित सभी झूलों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संदिग्ध या असुरक्षित झूलों का संचालन रोक दिया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि हादसे के समय झूला किस अनुमति और निर्धारित समय के तहत संचालित हो रहा था।
फिलहाल झूला किन परिस्थितियों में टूटा, इसमें तकनीकी खराबी थी या रखरखाव में कमी—यह जांच का विषय है। लेकिन हादसे ने इतना जरूर दिखा दिया है कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन की जांच और घायल महिला की चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।