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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा दुर्गा महोत्सव समिति माल रोड, चौघानपाटा, जोशीखोला एवं थपलिया की ओर से आयोजित दुर्गा महोत्सव के अंतर्गत चौघानपाटा स्थित मुख्य पंडाल में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां भगवती के दरबार में घुश्मेश्वर महिला समिति की महिलाओं ने सामूहिक भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं की सुमधुर प्रस्तुतियों से पंडाल गूंज उठा और श्रद्धालु माता रानी की भक्ति में लीन नजर आए।
गणेश वंदना से हुआ भजन कार्यक्रम का शुभारंभ
भजन कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत गणेश वंदना के साथ किया गया। इसके बाद महिलाओं ने मां भगवती की महिमा का गुणगान करते हुए विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने एक स्वर में भजन गाकर अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की। भक्ति गीतों और संकीर्तन से चौघानपाटा स्थित मुख्य पंडाल में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बन गया। मां भगवती के जयकारों के बीच श्रद्धालु भी भक्ति के रंग में रंगे नजर आए।
महिलाओं की प्रस्तुति ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
घुश्मेश्वर महिला समिति की सदस्यों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। सामूहिक भजन-कीर्तन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ने दुर्गा महोत्सव की धार्मिक गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति, समर्पण और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देखने को मिला।
दुर्गा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने के साथ ही समाज में आपसी सद्भाव, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत कर रहे हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं धार्मिक आयोजन
घुश्मेश्वर महिला समिति की समूह प्रमुख लता तिवारी ने कहा कि मां भगवती के दरबार में भजन-कीर्तन करना सभी महिलाओं के लिए श्रद्धा, सौभाग्य और आत्मिक आनंद का विषय है। ऐसे धार्मिक आयोजन हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि नवरात्र और दुर्गा महोत्सव जैसे पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के भी प्रतीक हैं। इन आयोजनों के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव और सामूहिक सहभागिता की भावना मजबूत होती है।
इन महिलाओं ने किया प्रतिभाग
भजन-कीर्तन कार्यक्रम में समूह प्रमुख लता तिवारी के साथ हेमा तिवारी, दीपा बिष्ट, रमा लोहनी, लीला जोशी, पुष्पा मेहरा, कमला पांडे, माधवी बिष्ट, लीला डसीला, तारा तिवारी, राधा तिवारी, प्रभा बोरा, कमला कार्की, राधा बिष्ट, बिना नयाल, ज्योति जोशी, नेहा, अंकित और पीहू सहित अन्य सदस्यों ने प्रतिभाग किया।